जो साधक इस संसार में जल-कमलवत रहता है, कर्तापना का अहंकार नहीं करता ऐसा साधक जीवनमुक्त है ।

जो साधक इस संसार में जल-कमलवत रहता है, कर्तापना का अहंकार नहीं करता ऐसा साधक जीवनमुक्त है ।